कंप्यूटर क्या है? Computer के बारें में विस्तार से जानिए?

 

कंप्यूटर क्या है? परिभाषा, प्रकार, उपयोग,


Kushwaha Ji


कंप्यूटर किसे कहते हैं :- 

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मसीन है जो इनफार्मेशन या डाटा का आदान प्रदान करता है। इसमें डाटा को स्टोर करने, प्राप्त करने और आउटपुट देने की क्षमता होती है। आप जानते होंगे कि कंप्युटर का उपयोग फाइल को सेव करने, ईमेल भेजने, गेम खेलने और इंटरनेट चलाने के लिए किया जाता हैं। इसके अलावा और भी कार्य होते हैं, जिसे कंप्यूटर द्वारा किया जाता हैं।इसे हिन्दी में संगणक भी कहते हैं।

कंप्यूटर का उपयोग (Types of Computer)

1. कंप्यूटर का उपयोग बैंक में

2. कंप्यूटर का उपयोग शिक्षा और स्कूल में

3. अस्पताल और चिकित्सा में कंप्यूटर का उपयोग

4. विज्ञान के छेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

5. मनोरंजन में कम्प्यूटर का उपयोग

6. व्यवसाय में कंप्यूटर का उपयोग

7. गवर्नमेंट क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

8. सेनाओं में कंप्यूटर का उपयोग


कंप्यूटर के लाभ (Benefits of Computer)

आज के समय में इंसान के जीवन में कंप्यूटर के लाभ बहुत ज्यादा है। हम जब चाहे कंप्यूटर की मदद से कोई भी जानकारी निकल कर पढ़ सकते है। अगर हमारे पास कुछ Information पढ़ने का समय नहीं है, तो हम उसे कंप्यूटर में Save कर सकते है, जब भी हमारे पास समय होता है, उसे पढ़ सकते है।

कंप्यूटर से हानि



जिस तरह से किसी चीज के फायदे होते है, उसी तरह से नुक्सान भी होते है। तो आइये जानते है, कंप्यूटर के Disadvantages के बारे में –

  • अगर आप ऑनलाइन कुछ कार्य करते है, तो आपको अपने Computer को Secure करना बहुत जरुरी है। क्योकिं कुछ लोग आपके PC पर Virus के द्वारा अटैक करते है, जिसके बारे में आपको बिलकुल भी पता नहीं होता है। वायरस कंप्यूटर का सबसे बड़ा नुक्सान है।
  • वायरस आपके कंप्यूटर में किसी USB या Not Secure Website से भी आ सकता है। अगर एक बारे यह आपके कंप्यूटर में Enter हो जाए तो इससे आपका पूरा कंप्यूटर ख़राब हो सकता है।
  • Online Cyber Crime भी कंप्यूटर का एक बहुत बड़ा नुक्सान है। अगर आप कोई Network Use करते है, तो ख्याल रखे की वह पूरी तरह से Secure हो।
  • Computer आने से Employment को भरी नुक्सान हुआ है। हालाकिं कंप्यूटर कार्य आसान हो गए है, लेकिन कही ना कही Employment पर इसका भारी असर हुआ है।
  • कंप्यूटर को ज्यादा देर तक Use करने से आँखों पर इसका दुष्प्रभाव हो सकता है।
  • कंप्यूटर का अपना कोई महत्त्व नहीं होता है, यह आपके द्वारा कमांड देने पर चलता है, अगर आप इस पर ज्यादा देर तक Movie या गेम खेल कर समय बर्बाद कर रहे है, तो इससे आपको बचना चाहिए।

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है (Computer Full Form)

कम्प्यूटर का पूरा नाम क्या है यह एक सबसे ज्यादा पूछे जाने वाला सवाल है। लेकिन आपको बता दें, की तकनिकी रूप से कंप्यूटर का पूरा नाम या फुल फॉर्म कोई भी नहीं है। लेकिन कुछ विशेषज्ञों ने अपने अपने अनुभवों के तोर पर इसका एक फुल फॉर्म बनाया है, जो की इस प्रकार है – Commonly Operating Machine Particularly Used for Technology Education and Research जिसका हिंदी अर्थ होता है “आमतौर पर ऑपरेटिंग मशीन विशेष रूप से प्रौद्योगिकी शिक्षा और अनुसंधान के लिए उपयोग की जाती है”

  • C – Commonly         आम तौर पर
  • O – Operated           संचालित
  • M – Machine            मशीन
  • P – Particularly        विशेष रूप से
  • U – Used for            प्रयुक्त
  • T – Technical           तकनीकी
  • E – Educational       शैक्षणिक
  • R – Research          अनुसंधान

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?


आधुनिक कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है? ऐसे तो बहुत से लोगों ने इस Computing Field में अपना योगदान दिया है। लेकिन इन सब में से ज्यादा योगदान Charles Babage का है। क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Analytical Engine सन 1837 में निकला था।

कंप्यूटर कैसे कार्य करता है?

कंप्युटर User द्वारा Input किए गए Data को Process करके परिणाम को Output के रूप मे प्रदान करता है 

Input क्या है ?

Input Device एक Hardware Device है । इसकी मदद से Computer मे किसी भी तरह के Data व निर्देशों को computer  में भेज जाता है । Computer का वे सारे Device भी Input Device कहलाते हैं , जिसके द्वारा Computer User अपना Data व निर्देश Computer को देते हैं। Computer से कोई भी कार्य करने के लिए Computer को Device से निर्देश दिया जाता है।

चूँकि Computer स्वयं कार्य नहीं करता है। इससे किसी प्रकार के कार्य करवाने के लिए इसे Input देना जरूरी होता है। इसीलिए Input Device को महत्वपूर्ण Device माना जाता है। Example : –

  1. Keyboard (कीबोर्ड )
  2. Mouse ( माउस )
  3. Scanner ( स्कैनर )
  4. Touch Screen ( टच स्क्रीन )
  5. Track Ball ( ट्रैक बाल )
  6. Joystick ( जॉयस्टिक )
  7. Touch Screen ( टच स्क्रीन )
  8. Light Pen ( लाइट पेन )
  9. Microphone ( माइक्रोफोन )
  10. Optical Mark Reader (ऑप्टिकल मार्क रीडर ) (OMR)
  11. Digital Camera ( डिजिटल कैमरा )
  12. Card Reader ( कार्ड रीडर )
  13. Bar Cod Reader ( बार कोड रीडर )
  14. Magnetic Ink Character Recognition ( मैग्नेटिक इंक करैक्टर रेकोगनाइजेशन ) (MICR)
  15. Optical Character Recognition ( ऑप्टिकल करैक्टर रेकोगनाइजेशन ) (OCR)

Output क्या है ?

Output Device वो Device होती है जो Computer के Input Device द्वारा  दिए गये निर्देशों को Processing होने के बाद जिस Device में उसका परिणाम Hardcopy के रूप print या Softcopy (Monitor) दीखता अर्थात प्रदान करता है , वह Output Device कहलाता है।  OUT का मतलब है बहार और PUT का मतलब रखना, पूरा मतलब हुआ बहार रखना. Process Data को यह Device बहार दिखाती है । इसी प्रकार जब हम Computer में किए गए Input का परिणाम Output कहलाएगा।

 

1.Monitor ( मॉनिटर )
2.Printer ( प्रिंटर )
3. Plotter ( प्लॉटर )
4. Multimedia Projector ( मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर )
5. Speech Synthesizers ( स्पीच सिंथेसिज़ेर्स )

Processing Device क्या है ?

Processing Device Computer System का सबसे महत्वपूर्ण Part होता है। इसके बिना Computer कार्य नहीं कर सकता है। Computer से कुछ भी कराने के लिए सबसे पहले उसे कुछ Input देना होता है। तब जाकर के Output प्राप्त होता है। Input देने के लिए Input Device तथा Output लेने के लिए Output Device का प्रयोग किया जाता है। लेकिन Input देने और Output प्राप्त करने के बीच एक और कार्य होता है। जिसे Processing कहते हैं और यह क्रिया Processing Device के द्वारा होता है।


Processing Device का कार्य प्राप्त Input का Output देना होता है। यह Computer System का मध्यस्थ कार्य है। Central Processing Unit (CPU) Processing Device का सबसे अच्छा उदाहरण है। यही Computer में सारे कार्यों को Manage करता है।

Example :-

  1. Central Processing Unit (CPU)
  2. Graphics Processing Unit (GPU)
  3. Vision Processing Unit (VPU)
  4. Tensor Processing Unit (TPU)
  5. Neural Processing Unit (NPU)


MotherBoard क्या है और कैसे काम करता है?

Motherboard किसी भी कंप्यूटर का Backbone होता है, ये एक ऐसा लिंक होता है जिससे की सारे Components एक दुसरे से जुड़ से जाते हैं, मनो ये एक Hub का काम कर रहा हो जिस्स्से कंप्यूटर के दुसरे device आपस में कनेक्ट होते है। ये किसी User के जरुरत के अनुसार अलग अलग Formation में आते हैं जिससे की उसके जरुरत, budget और speeds में fit बैठ सकें।


मदरबोर्ड कम्प्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है. जिसमे सभी आवश्यक उपकरण जुडे रहते हैं. इनमें CPU, RAM, HDD, Monitor, BIOS, CMOS, Mouse, Keyboard आदि उपकरण शामिल है जो Dedicated Ports के माध्यम से जुडे रहते हैं. मदरबोर्ड इन उपकरणों को Power Supply पहुँचाता है और आपस में Communication करवाता हैं.

कम्प्यूटर मदरबोर्ड एक Printed Circuit Board (PCB) होता है. जिसे Logical Board, System Board, Printed Wired Board (PWB), और Mainboard (Mobo) के नाम से भी जाना जाता है.

कम्प्यूटर मदरबोर्ड के विभिन्न प्रकार – Motherboard Types

1. Integrated Motherboard
जिन मदरबोर्ड में कम्प्यूटर के विभिन्न उपकरणों को जोडने के लिए अलग से Ports बनाये जाते हैं उन्हे Integrated Motherboard कहते हैं.
आजकल यही मदरबोर्ड PCs, Laptops आदि में इस्तेमाल किये जाते हैं. इन मदरबोर्ड के माध्यम से आप अपने कम्प्यूटर के किसी पार्ट को आसानी से Upgrade भी कर सकते है.

2. Non-Integrated Motherboard
जिन मदरबोर्ड में आवश्यक उपकरणों को जोडने के लिए Ports नही होते हैं उन्हे Non-Integrated Motherboard कहा जाता हैं.
इन मदरबोर्ड में CPU, RAM आदि को Solder किया जाता हैं. और इन्हे बाद में Upgrade भी नही किया जा सकता हैं. Smartphones, Tables आदि में इसी प्रकार के मदरबोर्ड का इस्तेमाल होता हैं.

Motherboard क्या हैं? Motherboard के बारें में विस्तार से जानिए?


मेमोरी क्या है ?

कंप्यूटर मेमोरी वह स्टोरेज स्पेस होता है जहां डाटा को प्रोसेस करना होता है, और प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक निर्देश संग्रहित (Store) होते हैं, मेमोरी वह जगह है जहां कंप्यूटर, प्रोग्राम और डाटा को संग्रहित करता है.




मेमोरी कंप्यूटर का बहुत ही जरूरी हिस्सा होता है क्योंकि मेमोरी के बिना हम कंप्यूटर में कोई भी काम नहीं कर सकते हैं, यदि हमें कंप्यूटर को कोई भी निर्देश देना है या फिर किसी भी तरह का डाटा इनपुट करना है तो उसके लिए भी मेमोरी की जरूरत पड़ती है.

कंप्यूटर में मेमोरी मदरबोर्ड में लगी होती है जिसमें प्रोग्राम तथा डाटा स्टोर होते हैं और जब भी सीपीयू को किसी भी तरह की प्रोसेसिंग के लिए डाटा तथा प्रोग्राम की जरूरत पड़ती है तो वह सीधे मेमोरी को एक्सेस करता है, और जिस तरह का डाटा की जरूरत पड़ती है वह मेमोरी से ले लिया जाता है.

मेमोरी हमारे मस्तिष्क की तरह ही होती है जिसका उपयोग डाटा और निर्देशों को संग्रहित करने के लिए किया जाता है, कंप्यूटर में मुख्य रूप से दो प्रकार की मेमोरी होती है, प्राथमिक मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी.

मेमोरी के प्रकार –

कंप्यूटर मेमोरी मुख्यतः दो प्रकार की होती है.

  1. प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory)
  2. सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory)

1. प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) –

प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी होती है जिसे सीधे सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट द्वारा एक्सिस किया जाता है, यह मेमोरी सूचनाओं को अस्थाई रूप से संग्रहित करके रखती है अर्थात करंट के बंद होते ही सूचनाएं नष्ट हो जाती है.

प्राथमिक मेमोरी, सेकेंडरी मेमोरी के मुकाबले ज्यादा महंगी होती है, तथा इसके कार्य करने की गति बहुत ही तीव्र होती है, प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) कंप्यूटर में स्थाई रूप से लगी होती है और इसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं ले जा सकते, प्राथमिक मेमोरी मुख्यतः दो प्रकार की होती है.

प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) के प्रकार –

प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) दो प्रकार की होती है.

  1. रैम (RAM)
  2. रोम (ROM)

A. रैम (RAM) –

रैम (RAM) मेमोरी का पूरा नाम Random Access Memory है, रैम में कंप्यूटर में वर्तमान में किया जा रहे कार्यों का डाटा स्टोर होता है, यह एक Read / Write मेमोरी है जो कंप्यूटर के काम करने तक डाटा को स्टोर रखती है और जैसे ही कंप्यूटर को बंद किया जाता है यह डाटा को मिटा देती है.




रैम का उपयोग सरवर, मोबाइल, कंप्यूटर, टेबलेट आदि उपकरणों में भी किया जाता है और रैम के SRAM और DRAM दो मुख्य प्रकार होते हैं.

B. रोम (ROM) –

रोम (ROM) मेमोरी का पूरा नाम Read Only Memory है, इसमें स्थित डाटा को सिर्फ पढ़ सकते हैं यह देख सकते हैं एडिट और डिलीट नहीं कर सकते हैं. इस प्रकार की मेमोरी Non-Volatile मेमोरी होती है, और निर्माण के द्वारा रोम मेमोरी में प्रोग्राम स्थाई रूप से संग्रहीत किया जाता है.




रोम (ROM) मेमोरी में ऐसे प्रोग्राम को संग्रहित किया जाता है जो कंप्यूटर को शुरू करने के लिए आवश्यक होते हैं, इस ऑपरेशन को बूटस्ट्रैप के रूप में जाना जाता है, रोम (ROM) मेमोरी का उपयोग सिर्फ कंप्यूटर में ही नहीं बल्कि अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक मशीनों में भी किया जाता है. रोम (ROM) मेमोरी मुख्यतः PROM, EPROM और EEPROM तीन प्रकार की होती है.

2. सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory) –

सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory) वह जगह है जहां पर डाटा और निर्देशों को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जाता है, सेकेंडरी मेमोरी के रूप में हार्ड डिस्क और ऑप्टिकल डिस्क का सर्वाधिक उपयोग किया जाता है, सेकेंडरी मेमोरी जैसे की हार्ड डिस्क में भंडारण क्षमता बहुत अधिक होती है और इसमें अधिक से अधिक डाटा को लंबे समय तक स्टोर कर सकते हैं.




हार्ड डिस्क कंप्यूटर के अंदर लगी होती है, जिसका उपयोग स्थाई रूप से बड़ी मात्रा में डाटा और प्रोग्राम को स्टोर करने के लिए किया जाता है. यह मेमोरी प्राथमिक मेमोरी के मुकाबले सस्ती होती है.

सेकेंडरी मेमोरी हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, सीडी, डीवीडी और ऑप्टिकल डिस्क जैसे अलग-अलग प्रकार की होती है इन्हें उपयोग करने के लिए कंप्यूटर में अलग से लगाया जाता है इसलिए यह कंप्यूटर की सेकेंडरी मेमोरी कहलाती है इनका उपयोग करके सूचनाओं को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में आसानी से ले जाया जा सकता है..

RAM और ROM में क्या अंतर हैं?



आपने क्या सीखा ?

इस लेख में हमने आपको Computer की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई हैं. आपने जाना की Computer क्या होता है और Computer के विभिन्न प्रकारों से भी अवगत हुए हैं.

साथ ही आप Motherboard से भी परिचित हुए हैं. हमे उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद आएगा और आपके लिए उपयोगी साबित होगा.

इसे मदरबोर्ड लेख को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडियो पर शेयर करें और कुछ सवाल है तो उन्हे कमेंट करके पूछ सकते है.

लेख आपको पसंद आया?
👍👎


Google Search📲 NILESH KHANDOL


The Owner of this website www.nileshkhandol.blogspot.com is NILESH KUMAR, He loves to write blogging. Blogging is not his profession but he takes it as a passion. He has a long plan for his blogging. He is running endlessly to catch this dream of his. Thank You.

Students Help Group

Join Whatsapp Group👉 Girl 📱 Boy

Join Telegram Group 👉 Telegram

Join Facebook Group 👉 Facebook

Join Facebook Page 👉 Facebook Page

Official Website 👉 Click Here

✔️ Follow Me 🆔

Facebook 👉   Click Here

Youtube 👉   Click Here

Instagram 👉   Click Here

Twitter 👉   Click Here


👍 Thanks 💐

ये पोस्ट आपको कैसा लगा Comment Box मे जरूर बताएं 

Post a Comment

0 Comments